बिहार की राजनीति में ‘दबंग’ छवि के लिए पहचाने जाने वाले अनंत सिंह आज बेऊर जेल से रिहा हो रहे हैं। करीब चार महीने बाद उनकी रिहाई को लेकर समर्थकों में जबरदस्त उत्साह है। पटना से मोकामा तक उनके स्वागत के लिए भव्य तैयारियां की गई हैं, जहां जश्न, भीड़ और शक्ति प्रदर्शन एक साथ देखने को मिल सकता है।
समर्थकों ने इस मौके को उत्सव में बदल दिया है। पटना स्थित उनके आवास को पूरी तरह सजाया गया है। स्वागत के लिए करीब 3 लाख रसगुल्ले और गुलाब जामुन तैयार किए गए हैं। इसके अलावा हजारों लोगों के लिए शाही पनीर, पुलाव और लिट्टी-चोखा जैसे व्यंजनों की व्यवस्था की गई है। अनुमान है कि लगभग 15 हजार लोग इस आयोजन में शामिल होंगे। गर्मी को देखते हुए टेंट, कूलर और वॉटर मिस्ट फैन की भी व्यवस्था की गई है।
अनंत सिंह की रिहाई इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने 2025 का विधानसभा चुनाव जेल में रहते हुए ही जीता था। उन्होंने राजद की वीणा देवी को करीब 28 हजार मतों से हराया था। बिना चुनाव प्रचार किए मिली इस जीत के बाद यह पहला मौका होगा जब वे अपने क्षेत्र की जनता के बीच पहुंचेंगे।
बताया जा रहा है कि 24 मार्च की सुबह उनका काफिला पटना से मोकामा के लिए रवाना होगा, जिसमें हजारों गाड़ियों के शामिल होने की संभावना है। रास्ते में बरहिया के प्रसिद्ध महारानी स्थान मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद वे मोकामा पहुंचेंगे। पूरे मार्ग में जगह-जगह स्वागत की तैयारियां की गई हैं।
इस बीच पटना हाई कोर्ट ने उन्हें दुलारचंद यादव हत्याकांड में 15 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी है। अदालत ने सख्त निर्देश दिया है कि यदि गवाहों या पीड़ित परिवार को प्रभावित करने की कोशिश की गई, तो जमानत रद्द कर दी जाएगी।
प्रशासन ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और यातायात बाधित न हो। अनंत सिंह की रिहाई को सिर्फ राजनीतिक घटना ही नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन और जनसमर्थन के बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
डेक्स रिपोर्ट -पटना




