बांका जिला के बाराहाट प्रखंड क्षेत्र के मिर्जापुर गांव निवासी स्वर्गीय नथन राउत की धर्मपत्नी, 92 वर्षीय बुधो देवी का निधन 13 फरवरी, शुक्रवार को हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बुधो देवी को सत्संग और साधना की प्रतीक के रूप में जाना जाता था। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सच्चाई, भक्ति और सेवा भाव में समर्पित कर दिया था।
ज्ञात हो कि स्वर्गीय नथन राउत और बुधो देवी की कोई संतान नहीं थी, लेकिन उन्होंने समाज को ही अपना परिवार माना। समाज सेवा और धार्मिक कार्यों के प्रति उनकी गहरी आस्था थी। उन्होंने दो एकड़ भूमि मनियारपुर स्थित सत्संग आश्रम को दान स्वरूप प्रदान की थी। इसके अलावा मिर्जापुर गांव में लगभग 10 कट्ठा जमीन पर सत्संग आश्रम का निर्माण भी कराया, जो आज क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित है।
उनके सादगीपूर्ण जीवन, उदार हृदय और धार्मिक समर्पण ने उन्हें लोगों के बीच विशेष स्थान दिलाया। जिले भर के सत्संग प्रेमियों और श्रद्धालुओं ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है।
बुधो देवी का अंतिम संस्कार शनिवार को सुल्तानगंज गंगा घाट पर रामजीवन यादव द्वारा विधि-विधान से संपन्न किया गया। इस अवसर पर पूर्व प्रमुख राजेश यादव, महेश्वरी यादव, सुबकलाल यादव, विकास यादव, केदार यादव, सिकंदर यादव, बब्बन चौधरी, सिंटू यादव, लखन यादव, सुरेश यादव, शंभू पंडित, अशोक बिंद, जगदीश साह, जागो साह सहित अनेक लोगों ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।
बुधो देवी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।




