गैस संकट ने बढ़ाई परेशानी: ANMMCH में खुले आकाश तले पक रहा मरीजों का खाना
अस्पताल की रसोई सड़क पर उतरी — गैस नहीं, चूल्हे की आग पर पक रहा खानाग या के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल (ANMMCH) में भर्ती मरीजों के लिए खाना बनाने वाली जीविका दीदी की रसोई पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। मध्य-पूर्व में जारी ईरान–इजरायल युद्ध का असर गया तक पहुंच गया है, जिसके कारण कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति ठप हो गई है। इस किल्लत ने अस्पताल की भोजन व्यवस्था को हिला कर रख दिया है।
रसोई के मैनेजर मनीष दीपक ने रविवार को बताया कि पिछले कई दिनों से कमर्शियल गैस नहीं मिल रही है।“रोटी तो किसी तरह बची हुई गैस पर बना लेते हैं, लेकिन चावल, दाल, सब्जी, और मरीजों को मिलने वाला पूरा खाना मिट्टी के चूल्हे पर ही बनाना पड़ रहा है। सुबह 5 बजे से ही दीदी लोग लकड़ी और कोयला जलाकर खाना तैयार करना शुरू कर देती हैं,” उन्होंने बताया।
गैस की अनुपलब्धता के कारण रसोई में कई परेशानियाँ बढ़ गई हैं—चूल्हे का धुआं इतना तेज कि रसोई के अंदर खाना बनाना मुश्किल है।मजबूरी में कैंटीन के बाहर चूल्हा लगाना पड़ रहा है।बर्तनों की सफाई में दोगुनी मशक्कत हो रही है।इसके बावजूद जीविका दीदी मरीजों का खाना समय पर पहुंचाने के लिए लगातार जुटी हुई हैं। धुआं, तपिश और अतिरिक्त मेहनत के बीच भी उनका लक्ष्य है—“मरीजों को भोजन में कोई देरी या कमी न हो।”
ईरान–इजरायल का युद्ध भले ही हजारों किलोमीटर दूर चल रहा है, लेकिन उसका प्रभाव गया के सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों के भोजन तक पहुंच चुका है।कमर्शियल गैस की किल्लत ने ANMMCH में खाना व्यवस्था को संकट में डाल दिया है।फिर भी जीविका की दीदी दिन-रात मेहनत करके मरीजों तक समय पर खाना पहुंचा रही हैं
डेक्स रिपोर्ट -पटना




