बांका 114वें बिहार दिवस के अवसर पर जिले में भव्य कार्यक्रम का आयोजन आम के मैदान में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माननीय विधायक रामनारायण मंडल, जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक उपेन्द्र नाथ वर्मा सहित अन्य अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। पूर्वाह्न में जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया।

समारोह के प्रारंभ में अपर समाहर्ता द्वारा अतिथियों को पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। राष्ट्रगान एवं बिहार गीत की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने अपने संबोधन में बिहार के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और राज्य के विकास में जनभागीदारी की भूमिका पर प्रकाश डाला।

जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला ने बताया कि वर्ष 1912 में बिहार ने अपनी अलग पहचान बनाई, जबकि इसका इतिहास प्राचीन लोकतंत्र, शांति और ज्ञान की परंपराओं से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि बांका जिला अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है, जिसमें मंदार पर्वत की ऐतिहासिक महत्ता और सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा विशेष है।

उन्होंने बताया कि जिले में शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, कृषि विकास, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना (संबल) के तहत 12 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित किए गए। साथ ही तीन गुड सेमेरिटन व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। एक अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपति को भी प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के अंत में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए 14 स्टॉलों का निरीक्षण किया गया, जिनमें शिक्षा, कृषि, पशुपालन, उद्योग, परिवहन, मत्स्य एवं जीविका समेत कई विभाग शामिल रहे। इन स्टॉलों के माध्यम से आम लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।




