बांका में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को इस वर्ष का प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्य भूषण आर्य ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर डीएलएसए के सचिव राजेश सिंह और एडीएम अजीत कुमार सहित कई न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्य भूषण आर्य ने लोक अदालत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोक अदालत आम लोगों को त्वरित, सुलभ और कम खर्च में न्याय दिलाने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने लंबित मामलों के निष्पादन के लिए लोक अदालत का लाभ उठाएं, जिससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम हो सके और लोगों को जल्द न्याय मिल सके।
लोक अदालत के सफल संचालन के लिए कुल 11 अलग-अलग बेंचों का गठन किया गया था। इन बेंचों के माध्यम से विभिन्न विभागों और इकाइयों से जुड़े लंबित मामलों का समाधान समझौते के आधार पर किया गया। लोक अदालत में बीएसएनएल, विद्युत, बैंकिंग, खनन, वन विभाग समेत अन्य विभागों से जुड़े मामलों का निपटारा किया गया।
इस लोक अदालत में कुल 12,532 मामलों को सूचीबद्ध किया गया था, जिनमें से 5,581 मामलों का सफलतापूर्वक निबटारा समझौते के आधार पर किया गया। इन मामलों के निष्पादन से कुल 7 करोड़ 20 लाख 92 हजार 952 रुपये की राशि का सेटलमेंट किया गया।
प्रमुख रूप से बैंक रिकवरी के 4,360 मामलों में से 1,731 मामलों का निबटारा किया गया। इसके अलावा थाना से जुड़े क्रिमिनल केस, लोक शिकायत और ट्रैफिक चालान से संबंधित मामलों का शत-प्रतिशत निष्पादन किया गया। वहीं ग्राम कचहरी के 1,130 में से 549, कोर्ट केस के 3,190 में से 306 आपराधिक सुलहनीय वादों का निपटारा हुआ। इसके साथ ही बिजली से जुड़े 666 में से 309, दो लेबर विवाद, 23 खनन और दो माप-तौल से संबंधित मामलों का भी समझौते के आधार पर समाधान किया गया।




