IMG 20251209 WA0519 बांका जिले के 41,060 नवसाक्षर महिलाओं में से 97 फीसदी से अधिक ने दी बुनियादी साक्षरता महापरीक्षा

बांका जिले के 41,060 नवसाक्षर महिलाओं में से 97 फीसदी से अधिक ने दी बुनियादी साक्षरता महापरीक्षा

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By Banka Darshan News

बांका जिले में महिलाओं की शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में चल रही अक्षर आंचल योजना एक बार फिर बड़ी सफलता के साथ सामने आई है। रविवार को राज्य शिक्षा विभाग, जनशिक्षा के संयुक्त निदेशक के आदेश पर जिले के सभी प्रखंडों में बुनियादी साक्षरता की महापरीक्षा आयोजित की गई। कुल 152 संकुलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें प्रत्येक प्रखंड में एक मॉडल परीक्षा केंद्र भी शामिल था। मॉडल केंद्रों को दुल्हन की तरह आकर्षक रूप से झालर और बैलून से सजाया गया, जिससे परीक्षा देने आई महिलाओं में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ।

 

परीक्षा दो पालियों में आयोजित हुई। पहली पाली में दोपहर 12 बजे तक 17,042 नवसाक्षर महिलाओं ने पंजीकरण कराया, लेकिन इनमें से 10,774 महिलाएं ही परीक्षा में शामिल हो सकीं। दूसरी पाली में शाम 4 बजे तक कुल 29,695 महिलाओं ने पंजीयन कराया, जिसमें से 29,087 महिलाएं उपस्थित रहीं। इस तरह दोनों पालियों में कुल 39,861 नवसाक्षर महिलाओं ने परीक्षा में भाग लिया।

 

इस परीक्षा में विशेष दृश्य तब देखने को मिले जब कई महिलाएं अपने नौनिहालों को गोद में लिए केंद्रों पर पहुंचीं। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने के बाद वे उत्साहपूर्वक परीक्षा देने बैठ गईं। यह दृश्य महिलाओं की शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और संकल्प को दर्शाता है।

 

अक्षर आंचल योजना के तहत जिले में दलित, महादलित, अतिपिछड़ा तथा अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं को साक्षर बनाने के लिए उत्थान केंद्र और तालीमी मरकज के माध्यम से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का परिणाम यह रहा कि निर्धारित लक्ष्य 41,060 के मुकाबले जिले में अब तक 39,861 महिलाओं ने परीक्षा देकर अपनी साक्षरता का परिचय दिया है।

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साक्षरता विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) देवनारायण पंडित के अनुसार जिले में 97 फीसदी से अधिक महिलाएं साक्षर हो चुकी हैं, जो राज्य स्तर पर एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। नवसाक्षर हुई कुल महिलाओं में से 35,527 महादलित और 4,334 अल्पसंख्यक महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 

बांका जिले में महिलाओं की साक्षरता को लेकर यह उपलब्धि न केवल सरकारी योजनाओं की सफलता को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और संकल्प को भी प्रमाणित करती है। यह पहल जिले में सामाजिक परिवर्तन और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही है।

 

रिपोर्ट -अमित कुमार