रिपोट-कुंदन कुमार (पटना)
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की अहम बैठक में 129 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इस दौरान शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, वन विभाग और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए।
सबसे महत्वपूर्ण निर्णय स्कूली छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति को दोगुना करने का रहा। अब कक्षा 1 से 4 तक के बच्चों को 600 की जगह 1200 रुपये, कक्षा 5 से 6 तक 1200 की जगह 2400 रुपये, कक्षा 7 से 8 तक 1800 की जगह 3600 रुपये और कक्षा 9 से 10 तक 1800 की जगह 3600 रुपये सालाना मिलेंगे। इसके लिए तीन अरब रुपये की स्वीकृति दी गई।
बैठक में सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता भी 3 प्रतिशत बढ़ाकर 55 से 58 प्रतिशत किया गया। वहीं, शहरी क्षेत्रों में संविदा एएनएम का मानदेय 11,500 से बढ़ाकर 15,000 रुपये करने और हर साल 5 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि देने का निर्णय हुआ।
बिहार में फिल्म और नाट्य संस्थान की स्थापना को भी मंजूरी दी गई। साथ ही पूर्णिया और मोतिहारी जलापूर्ति परियोजनाओं के लिए 471 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई। गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र का विकास काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर कराने का भी निर्णय लिया गया।
इसके अलावा राज्य में 9 नए वन प्रमंडल, संजय गांधी जैविक उद्यान में 172 पद, राष्ट्रीय डॉल्फिन शोध केंद्र पटना में 45 पद और मुंगेर के वानिकी महाविद्यालय में 26 पदों के सृजन की मंजूरी दी गई।
युवाओं के लिए बड़ा फैसला लेते हुए 20–25 वर्ष आयु वर्ग के स्नातकों को 2 साल तक 1000 रुपये प्रतिमाह स्वयं सहायता भत्ता देने की स्वीकृति दी गई। वहीं नए अधिवक्ताओं को 3 साल तक 5000 रुपये मासिक स्टाइपेंड और अधिवक्ता संघ को ई-लाइब्रेरी हेतु सहायता दी जाएगी।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अब अधिकतम 4 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा और ऋण चुकाने की अवधि भी बढ़ा दी गई है।
बैठक में शिक्षा सेवक व तालीमी मरकज को 3405 रुपये की जगह अब 12 हजार रुपये वार्षिक शिक्षण सामग्री मद और 10 हजार रुपये स्मार्टफोन खरीदने के लिए दिए जाने का निर्णय हुआ। इसके साथ ही सेना के सेवानिवृत्त चालकों का मानदेय 25,750 से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने को भी स्वीकृति मिली।
कुल मिलाकर यह बैठक आम छात्रों, महिलाओं, युवाओं और कर्मचारियों को राहत देने वाली रही।




