बौंसी मेला 14 जनवरी से प्रारंभ होने वाले ऐतिहासिक बौंसी मेला के साथ-साथ पापहारिणी मेला एवं कृषि प्रदर्शनी की तैयारियों का रविवार को जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से गहन निरीक्षण किया। सरकारी मेला होने के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
रविवार को अपर समाहर्ता अजीत कुमार एवं अनुमंडल पदाधिकारी राजकुमार ने संयुक्त रूप से कृषि प्रदर्शनी स्थल, बौंसी मेला परिसर और पापहारिणी मेला परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मेला आयोजन से पूर्व व्यवस्थाओं का जायजा लेना तथा कमियों को चिन्हित कर उन्हें शीघ्र दूर करना था।अधिकारियों ने सबसे पहले कृषि प्रदर्शनी स्थल का निरीक्षण किया। यहां किसानों के लिए लगाए जाने वाले स्टॉल, कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी, विद्युत आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था, शौचालय और साफ-सफाई की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया गया। इस दौरान एडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदर्शनी में आने वाले किसानों एवं आम लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। सभी मूलभूत सुविधाएं मेला शुरू होने से पहले पूर्ण रूप से बहाल कर ली जाएं।इसके बाद अधिकारियों ने बौंसी मेला परिसर का निरीक्षण किया। यहां भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, पार्किंग की सुविधा, अग्निशमन व्यवस्था तथा अस्थायी दुकानों की सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। एडीएम और एसडीओ ने अंचलाधिकारी कुमार रवि तथा बौंसी थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर राजरतन को विशेष सतर्कता बरतने और लगातार निगरानी रखने को कहा।पापहारिणी मेला परिसर के निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने स्नान घाट की स्थिति, रास्तों की मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई तथा सुरक्षा बलों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पापहारिणी सरोवर में बैरिकेडिंग लगाने का निर्देश देते हुए कहा कि इससे श्रद्धालु गहरे पानी में जाने से बचेंगे और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी। तालाब के भिंडा एवं सड़कों पर अस्थायी दुकानों के कारण किए गए अतिक्रमण को भी हटाने का आदेश दिया गया।निरीक्षण के दौरान एडीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मेला अवधि में स्वच्छता, सुरक्षा और अनुशासन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
इस अवसर पर मेला प्रबंधन से जुड़े अग्रवाल इवेंट के मनीष अग्रवाल, सफा अनुयायी लक्ष्मी मुर्मू सहित स्थानीय प्रशासन के कई प्रतिनिधि उपस्थित.
रिपोर्ट -माखन सिंह




