file 2026 01 22T00 33 53 फुल्लीडुमर में टीकाकरण के बाद आठ माह के मासूम की मौत, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल

फुल्लीडुमर में टीकाकरण के बाद आठ माह के मासूम की मौत, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल

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By Banka Darshan News

बांका जिला के फुल्लीडुमर प्रखंड अंतर्गत खेसर थाना क्षेत्र के खेसर पंचायत स्थित बनबर्षा रजक टोला में बुधवार को टीकाकरण के बाद एक दर्दनाक घटना सामने आई। गांव निवासी निकेश रजक के आठ माह के इकलौते पुत्र निशांत रजक की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बनबर्षा आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 23 पर बुधवार को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम चल रहा था। केंद्र पर एएनएम सुनीता कुमारी द्वारा बच्चों को टीके लगाए जा रहे थे। टीकाकरण को लेकर केंद्र की सहायिका मोनी कुमारी ने पोषक क्षेत्र में सूचना दी थी, जिसके बाद बच्चे और उनकी माताएं केंद्र पर पहुंचीं। सूचना मिलने पर सपना कुमारी भी अपने आठ माह के पुत्र निशांत को टीकाकरण के लिए केंद्र पर लेकर पहुंची।

बताया जाता है कि एएनएम द्वारा निशांत को रोटा वायरस समेत अन्य नियमित टीके लगाए गए। टीकाकरण के कुछ ही देर बाद निशांत की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। बच्चे की हालत बिगड़ते देख उसकी मां रोने-बिलखने लगी। देखते ही देखते परिजन और ग्रामीण भी केंद्र पर जुट गए। आरोप है कि इसी बीच एएनएम सुनीता कुमारी अपने थैले में रखे जरूरी कागजात आंगनबाड़ी केंद्र पर ही छोड़कर वहां से फरार हो गईं। वहीं केंद्र की सहायिका भी अपने घर चली गई।

घटना की सूचना मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुल्लीडुमर से एंबुलेंस आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची। बच्चे को तत्काल अस्पताल लाया गया, जहां डॉ. अफताब आलम ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सक ने निशांत को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल बांका रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर गमगीन हो गया और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल बेहद भावुक हो उठा।

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परिजनों ने टीकाकरण के कारण ही बच्चे की मौत होने का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने बच्चे का पोस्टमॉर्टम कराया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि निशांत अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसके पिता निकेश रजक दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं। घटना की सूचना उन्हें दे दी गई है।

एक ही वैक्सीन से आठ बच्चों को लगा टीका

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिस वैक्सीन वायल से निशांत को टीका लगाया गया था, उसी वायल से गांव के अन्य आठ बच्चों को भी टीका दिया गया था। फुल्लीडुमर अस्पताल के प्रबंधक विकास कुमार ने बताया कि निशांत के अलावा रिमांश कुमार, नीलम कुमारी, रिशु कुमारी, अभिनंदन कुमार, आशा कुमारी, कुंदन कुमार और ऋष्टी कुमारी को भी उसी वैक्सीन से टीका लगाया गया था। टीकाकरण के बाद अन्य सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं। केवल निशांत के साथ ही यह दुखद घटना घटी है।

परिजनों का आरोप है कि एएनएम द्वारा गलत टीका या गलत तरीके से टीकाकरण किया गया, जिसके कारण बच्चे की जान चली गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

क्या कहते हैं सिविल सर्जन

इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि टीकाकरण से निशांत की मौत होने की अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों के आरोपों की जांच के लिए बच्चे का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद वह स्वयं पूरे प्रकरण की मॉनिटरिंग कर रहे थे। सदर अस्पताल पहुंचकर अपनी मौजूदगी में बच्चे का इलाज कराया गया और इसके लिए दो अतिरिक्त चिकित्सकों को भी लगाया गया था। एसएनसीयू को भी अलर्ट पर रखा गया था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी।

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सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की गहन जांच में जुटा हुआ है।

रिपोर्ट -दीपक कुमार सिंह