विश्व मृदा दिवस के अवसर पर सोमवार को बांका जिला के सभी 11 प्रखंडों में मृदा संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन पर आधारित व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्य जिला स्तरीय समारोह कटोरिया प्रखंड के कटियारी पंचायत में सहायक निदेशक (रसायन) डॉ. कृष्ण कांत की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी मिट्टी के स्वास्थ्य, पोषक तत्वों की उपलब्धता और संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व से अवगत कराना था।
कार्यक्रम में मध्य विद्यालय, कधार के छात्र-छात्राओं ने “मृदा स्वास्थ्य एवं प्राकृतिक खेती” विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लिया। बच्चों ने रंग-बिरंगे चित्रों के माध्यम से मिट्टी संरक्षण, जैविक खेती और पर्यावरण सुरक्षा पर प्रभावी संदेश दिए। इसके अलावा जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए छात्र-छात्राओं ने नृत्य व नाटक प्रस्तुत कर समाज को मृदा एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का सफल प्रयास किया।

जिला मिट्टी जांच प्रयोगशाला द्वारा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. कृष्ण कांत ने बताया कि बांका जिले के सभी प्रखंडों में एक साथ यह कार्यक्रम चलाया गया। उन्होंने कहा कि मृदा जांच से किसान अपने खेत की मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे फसल उत्पादन में सुधार और लागत घटाने में मदद मिलती है। जिले में अब तक 6000 मृदा स्वास्थ्य कार्ड निःशुल्क वितरित किए जा चुके हैं। वहीं प्राकृतिक खेती करने वाले 1125 किसानों की मिट्टी की जांच कर उन्हें भी मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में प्रखंड पदाधिकारी सुश्री शालिनी कुमारी, श्री आदर्श साहनी तथा सुश्री वंदना कुमारी की सक्रिय उपस्थिति रही। सामाजिक संगठन ‘प्रदान’ की सदस्य सुश्री वागीशा कुमारी ने किसानों और छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती की दिशा में प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था कृषि विभाग के सहयोग से क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत है।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष विश्व मृदा दिवस की थीम “HEALTHY SOIL FOR HEALTHY CITIES” रखी गई है, जिसका उद्देश्य असंतुलित उर्वरक उपयोग और तेजी से बढ़ते शहरीकरण से मिट्टी पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

कार्यक्रम के माध्यम से किसानों और युवाओं में मृदा संरक्षण के प्रति जागरूकता का सकारात्मक माहौल देखा गया।
रिपोर्ट – दीपक कुमार




