बांका। जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला ने शनिवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में ईवीएम वेयरहाउस का संयुक्त त्रैमासिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य ईवीएम एवं वीवीपैट की सुरक्षा, पारदर्शिता तथा निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करना था। निरीक्षण के दौरान डीएम ने वेयरहाउस में रखी गई ईवीएम और वीवीपैट की भौतिक स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया।
निरीक्षण के क्रम में स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, चौबीसों घंटे तैनात सुरक्षा बलों की व्यवस्था, प्रवेश और निकासी से संबंधित रजिस्टर, अभिलेखों का संधारण तथा अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता की विस्तार से जांच की गई। डीएम ने स्वयं सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर कैमरों की लाइव स्थिति की समीक्षा की और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की जानकारी ली।
निरीक्षण में यह पाया गया कि ईवीएम वेयरहाउस से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों एवं निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हैं। वेयरहाउस में रखे गए सभी उपकरण सुरक्षित स्थिति में पाए गए और सुरक्षा से संबंधित सभी आवश्यक इंतजाम संतोषजनक रहे।
निरीक्षण उपरांत जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने उप निर्वाचन पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि ईवीएम वेयरहाउस एवं स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ बनाए रखा जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी सीसीटीवी कैमरे एवं निगरानी उपकरण सदैव क्रियाशील अवस्था में रहें, ताकि किसी भी प्रकार की चूक की संभावना न रहे। इसके साथ ही प्रवेश–निकासी से संबंधित रजिस्टर एवं अन्य अभिलेखों का नियमित रूप से अद्यतन संधारण करने का निर्देश दिया गया।
डीएम ने वेयरहाउस परिसर में स्वच्छता और सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईवीएम और वीवीपैट से संबंधित सुरक्षा एवं पारदर्शिता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रीढ़ है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
इस संयुक्त निरीक्षण के दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी निरीक्षण प्रक्रिया में भाग लिया और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
प्रशासन की इस पहल से ईवीएम की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर आमजन और राजनीतिक दलों का विश्वास और मजबूत हुआ है।
रिपोर्ट -चन्दन कुमार




