बांका जिला पदाधिकारी, बांका नवदीप शुक्ला की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार, बांका में विभिन्न ऋण योजनाओं, वित्तीय समावेशन तथा बैंकर्स की संवेदनशीलता से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जिले में चल रही सभी प्रमुख ऋण योजनाओं की प्रगति, उनके लक्ष्य की प्राप्ति तथा आमजन तक उनकी पहुँच की निगरानी करना था।

बैठक में सर्वप्रथम ACP (वार्षिक ऋण योजना) और CD Ratio की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने ऋण वितरण की प्रगति को और बेहतर करने तथा CD Ratio को लक्षित मानकों तक ले जाने के लिए बैंकों को आवश्यक दिशा–निर्देश दिए। उन्होंने धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने पर जोर दिया।
इसके बाद PMEGP (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम), PMFME (फूड प्रोसेसिंग योजना) तथा बुनकर मुद्रा योजना जैसी स्वरोजगार आधारित ऋण योजनाओं की समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने बैंकर्स को समय पर ऋण स्वीकृति सुनिश्चित करने और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का अधिकाधिक लाभ पहुँचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार योजनाएँ ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, इसलिए इन योजनाओं की प्रगति तेजी से होनी चाहिए।
पशुपालन, कृषि और मत्स्य विभाग से संबंधित योजनाएँ—विशेषकर AHDF, KCC–Agri, डेयरी, फिशरी एवं पशुपालन ऋण—की भी विस्तार से समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने लाभार्थियों तक ऋण उपलब्धता की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए इसकी गति में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में ऋण उपलब्धता बढ़ने से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
बैठक में RSETI द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों की ऋण लिंकिंग की वर्तमान स्थिति पर भी चर्चा की गई। DDC, नाबार्ड तथा बैंक अधिकारियों को प्रशिक्षण के बाद लाभार्थियों को शीघ्र ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि वे स्वरोजगार शुरू कर सकें।
इसके अतिरिक्त PM–Swanidhi योजना के अंतर्गत स्ट्रीट वेंडर्स को दिए जा रहे ऋण, जीविका समूहों की वित्तीय गतिविधियों, तथा अन्य वित्तीय समावेशन संबंधित बिंदुओं पर भी विस्तार से विमर्श किया गया। जिला पदाधिकारी ने सभी बैंक प्रतिनिधियों से कहा कि वित्तीय समावेशन सरकारी योजनाओं की सफलता का मूल आधार है, इसलिए बैंक अपनी भूमिका जिम्मेदारी से निभाएँ।
बैठक में शंभु कुमार पटेल, प्रभारी पदाधिकारी बैंकिंग, जिला अग्रणी प्रबंधक, DDM नाबार्ड, GM DIC, तथा सभी बैंकों के जिला समन्वयक एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक जिले में वित्तीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
रिपोर्ट -चन्दन कुमार




