IMG 20260108 WA0839 बाल विवाह मुक्त भारत केवल सरकारी अभियान नहीं, समाज की सामूहिक जिम्मेदारी : विशेषज्ञ

बाल विवाह मुक्त भारत केवल सरकारी अभियान नहीं, समाज की सामूहिक जिम्मेदारी : विशेषज्ञ

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By Banka Darshan News

IMG 20260108 WA0838 बाल विवाह मुक्त भारत केवल सरकारी अभियान नहीं, समाज की सामूहिक जिम्मेदारी : विशेषज्ञ

बांका में बाल विवाह मुक्त भारत केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य के तहत जिला पदाधिकारी, बाँका के निदेशानुसार महिला एवं बाल विकास निगम तथा जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन, बाँका द्वारा 100 दिवसीय बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के रोकथाम व निषेध को लेकर “सखी वार्ता” कार्यक्रम का आयोजन +2 उच्च माध्यमिक विद्यालय, दक्षिणी कटेली, खाबा में किया गया।

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कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं को संबोधित करते हुए जेंडर स्पेशलिस्ट महबूब आलम ने कहा कि लड़कियों की शादी 18 वर्ष के बाद और लड़कों की शादी 21 वर्ष के बाद ही की जानी चाहिए। इससे पहले की गई शादी बाल विवाह की श्रेणी में आती है, जो कानूनन अपराध है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह के कारण लड़कियों की शिक्षा बाधित होती है, स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं और उनका संपूर्ण विकास प्रभावित होता है।

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उन्होंने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि यदि लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम और लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम होने पर विवाह किया जाता है, तो उसे बाल विवाह माना जाएगा। इस तरह की शादी में शामिल वर-वधु के अभिभावक, रिश्तेदार, पंडित, मौलवी, धर्मगुरु के साथ-साथ टेंट, कैटरर्स, बैंड-बाजा, लाइटिंग, शादी कार्ड छपाई प्रेस, मैरेज हॉल मालिक एवं विवाह समारोह में किसी भी रूप में शामिल सभी व्यक्तियों पर कानून के तहत दंड का प्रावधान है।

मौके पर केस वर्कर अंजना भारती ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक का कारावास और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने छात्राओं एवं आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह हो रहा हो, होने की तैयारी हो या उसकी आशंका हो, तो इसकी सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन हेल्पलाइन 112 अथवा महिला हेल्पलाइन 181 पर दें। सूचना मिलने पर बाल विवाह को तुरंत रोका जाएगा और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत अनुमंडल पदाधिकारी बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी होते हैं, जबकि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी सहायक बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी होते हैं। बाँका अनुमंडल में बाल विवाह रोकथाम हेतु बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, बाँका सदर को नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है। अंत में लैंगिक विशेषज्ञ श्रीकांत कुमार द्वारा उपस्थित छात्राओं एवं प्रतिभागियों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई।