बांका जिला के बेलहर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में शुक्रवार की दोपहर उस समय हलचल मच गई, जब जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला ने अचानक निरीक्षण कर पूरे कार्यालय व्यवस्था की बारीकी से जाँच की। जिला से आए वरीय अधिकारियों के साथ पहुंचे डीएम ने कार्यालय के महत्वपूर्ण अभिलेखों, संचिकाओं और लेखा-व्यवस्था का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान कई संचिकाओं में गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं, जिन पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
डीएम ने बताया कि औचक निरीक्षण का मकसद कार्यालय के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और सरकारी योजनाओं व सेवाओं के सुचारू संचालन की समीक्षा करना था। निरीक्षण के दौरान लेखा से संबंधित संचिकाओं में त्रुटियां मिलीं, जिनमें दस्तावेज़ों का नियमानुसार रखरखाव नहीं किया गया था। डीएम ने स्पष्ट कहा कि इस प्रकार की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों पर अनुशासनात्मक एवं विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी की टीम में डीडीसी उपेंद्र सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने कार्यालय में रखे अभिलेखों का विस्तार से परीक्षण किया और पाया कि कई फाइलें निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप अद्यतन नहीं थीं। कई मामलों में दस्तावेजों में गड़बड़ियाँ होने का भी संदेह जताया गया, जिस पर संबंधित विभागों को त्वरित सुधार करने का निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के क्रम में बीडीओ कुमार सौरभ, सीओ शशिकांत शुक्ला, प्रखंड कृषि पदाधिकारी ऋचा कुमारी सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। डीएम ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय जनता के कार्यों के लिए होते हैं, इसलिए यहाँ पारदर्शिता और समयबद्ध व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
डीएम ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि यह औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा और प्रशासन जनता तक योजनाओं का लाभ सही तरीके से पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि वे अभिलेखों को नियम के अनुरूप अपडेट रखें और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचें।
बेलहर प्रखंड कार्यालय में किए गए इस औचक निरीक्षण ने एक बार फिर प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही को रेखांकित किया है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि प्रखंड स्तर पर कामकाज में सुधार आएगा और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी।
रिपोर्ट -कमलदेव सिंह




