बिहार के युवाओं को डाकघरों से जोड़ने और पढ़ाई व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में जल्द ही पांच जेन-जी (Gen-Z) डाकघर खोले जाएंगे। ये डाकघर बिहार के पूर्वी भाग, उत्तरी भाग और गया क्षेत्र में स्थापित किए जाएंगे। डाक विभाग की योजना के अनुसार मार्च महीने तक भागलपुर और मुजफ्फरपुर में दो-दो जेन-जी डाकघर तथा गया में एक जेन-जी डाकघर शुरू किया जाएगा।
जेन-जी डाकघरों की परिकल्पना खास तौर पर युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है, ताकि वे पढ़ाई के साथ नई तकनीक का उपयोग कर सकें और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर सकें। इन डाकघरों में युवाओं के लिए पढ़ने-लिखने, विचार-विमर्श करने और सीखने का अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा।
डाक निदेशक पवन कुमार ने बताया कि जेन-जी डाकघरों के माध्यम से युवाओं के व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए डाकघरों को आकर्षक रंगों और आधुनिक डिजाइन में विकसित किया जा रहा है। यहां युवाओं के लिए आरामदायक कुर्सियां, कॉफी मेकर मशीन, दैनिक अखबार, मैग्जीन और जरूरी किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही फ्री वाई-फाई की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे युवा ऑनलाइन स्टडी मटीरियल, ई-लाइब्रेरी और डिजिटल कंटेंट का आसानी से लाभ उठा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि फिलहाल पटना आईआईटी और भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में जेन-जी डाकघर पहले से संचालित हो रहे हैं, जहां छात्रों की अच्छी भागीदारी देखने को मिल रही है। डाक विभाग का फोकस शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे डाकघर खोलने पर है, ताकि अधिक से अधिक युवा इससे जुड़ सकें। इसी कड़ी में इस वर्ष एक और इंजीनियरिंग कॉलेज में जेन-जी डाकघर खोलने की तैयारी चल रही है। आने वाले समय में राज्य के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में इसका विस्तार किया जाएगा।
इसके साथ ही डाक विभाग युवाओं में बचत की आदत विकसित करने के लिए छोटे-छोटे बचत प्लान भी शुरू कर रहा है। इन योजनाओं के तहत युवा अपनी पॉकेट मनी या पार्ट टाइम नौकरी से कमाए गए पैसे डाकघरों में सुरक्षित रूप से जमा कर सकेंगे। उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष बचत खाते और इंश्योरेंस प्लान भी तैयार किए जा रहे हैं। डाक विभाग का मानना है कि इन योजनाओं से युवाओं को न केवल आर्थिक अनुशासन सीखने में मदद मिलेगी, बल्कि वे भविष्य के लिए भी आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे।
रिपोर्ट -दीपक कुमार




