IMG 20251218 WA0490 बांका में धान खरीद में गड़बड़ी: जिले में दो दर्जन से अधिक पैक्स डिफॉल्टर, करीब दस करोड़ रुपये के गबन का आरोप. अगले पांच वर्षों तक चुनाव लड़ने से वंचित.

बांका में धान खरीद में गड़बड़ी: जिले में दो दर्जन से अधिक पैक्स डिफॉल्टर, करीब दस करोड़ रुपये के गबन का आरोप. अगले पांच वर्षों तक चुनाव लड़ने से वंचित.

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By Banka Darshan News

 

राज्य सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद को लेकर लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में दी भागलपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा जिले के चयनित पैक्सों (प्राथमिक कृषि साख समितियों) को धान खरीद के लिए कैश क्रेडिट (सीसी) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जानकारी के अनुसार, जिले के कुल 147 पैक्सों को लगभग 70.81 करोड़ रुपये की सीसी दी गई, ताकि किसानों से समय पर धान की खरीद सुनिश्चित की जा सके।

 

हालांकि, एक ओर जहां बैंक किसानों के हित में पैक्सों को राशि उपलब्ध करा रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ पैक्सों द्वारा इस राशि के गबन का मामला सामने आने से सहकारिता विभाग और बैंक की चिंता बढ़ गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, बीते एक दशक से अधिक समय से जिले के दो दर्जन से अधिक पैक्सों द्वारा धान खरीद के नाम पर मिली राशि का दुरुपयोग किया गया है, जिसके कारण बैंक के करीब 10 करोड़ रुपये की वसूली अब तक नहीं हो सकी है।

 

बताया जा रहा है कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान धोरैया प्रखंड के अहिरो एवं चलना पैक्स, कटोरिया के कोल्हासार, चांदन के दक्षिणी कसबा वसिला तथा बांका प्रखंड के करमा समेत कई पैक्सों पर धान खरीद में अनियमितता, सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) की आपूर्ति नहीं करने और राशि के गबन का गंभीर आरोप है। इन मामलों में विभाग द्वारा संबंधित पैक्सों को डिफॉल्टर घोषित कर बकाया राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है।

 

इसके अतिरिक्त वर्ष 2012-13 से 2016-17 तक के दौरान भी दर्जनों पैक्सों पर करोड़ों रुपये का बकाया बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि इन पैक्सों ने धान खरीद के लिए प्राप्त सीसी राशि का गलत उपयोग किया। खास बात यह है कि इनमें से कई पैक्सों में वर्तमान में नई कार्यकारिणी का गठन हो चुका है और उनके द्वारा नियमित रूप से धान खरीद भी की जा रही है।

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गबन की गई राशि की वसूली के लिए विभाग ने नीलाम पत्र, सरचार्ज और अवार्ड वाद जैसी वैधानिक प्रक्रियाएं अपनाई हैं। साथ ही सभी संबंधित पैक्सों के विरुद्ध स्थानीय थानों में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। कई मामलों में न्यायालय में सुनवाई चल रही है।

 

इस संबंध में बांका जिला सहकारिता पदाधिकारी जैनूल आवदीन ने बताया कि विभाग किसानों से धान खरीद के लिए पूरी तरह संकल्पित है। बैंक राशि के गबन के मामलों में कड़ी विभागीय कार्रवाई की गई है। डिफॉल्टर समितियों पर बिहार सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1935 की धारा 40 के तहत वाद दायर किया गया है। साथ ही धारा 141 के तहत संबंधित पैक्सों की समस्त प्रबंध कार्यकारिणी को निलंबित कर अगले पांच वर्षों तक चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया गया है।

रिपोर्ट – चन्दन सिंह.