IMG 20250904 WA1937 बांका में महावारी स्वच्छता प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम, बालिकाओं को दी गई विशेष जानकारी

बांका में महावारी स्वच्छता प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम, बालिकाओं को दी गई विशेष जानकारी

Photo of author

By Banka Darshan News

बांका। जिला पदाधिकारी श्री नवदीप शुक्ला के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास निगम एवं संकल्प जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन के सहयोग से जिले में 10 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को सार्वजनिक +2 उच्च विद्यालय, सर्वोदयनगर समुखिया में महावारी स्वच्छता प्रबंधन विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

IMG 20250904 WA1938 बांका में महावारी स्वच्छता प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम, बालिकाओं को दी गई विशेष जानकारी

कार्यक्रम के दौरान लैंगिक विशेषज्ञ ने कहा कि महावारी स्वच्छता प्रबंधन की सही जानकारी से बेटियाँ स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर बनेंगी। उन्होंने बताया कि विश्व महावारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर यह पहल बेटियों को लज्जा-मुक्त एवं सुरक्षित जीवन की ओर ले जाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

 

विद्यालय की शिक्षिका रुचि कुमारी ने छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने महावारी के दौरान आने वाली सामान्य परेशानियों, साफ-सफाई, खान-पान और जीवनशैली पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बच्चियों को इस विषय से जुड़ी झिझक दूर करने और खुलकर अपनी समस्याएँ साझा करने के लिए प्रेरित किया।

 

कार्यक्रम में नीति आयोग के जिला समन्वयक शम्भू कुमार ने बच्चियों को महावारी के दौरान पोषणयुक्त आहार की महत्ता पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संतुलित भोजन से शरीर स्वस्थ रहता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव संभव है। साथ ही वित्तीय साक्षरता के माध्यम से महावारी स्वच्छता प्रबंधन की जानकारी भी दी गई।

 

बच्चियों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और महिला हेल्पलाइन नंबर 181 की जानकारी देते हुए कहा गया कि किसी भी आपात स्थिति में इनका उपयोग किया जा सकता है। अंत में छात्राओं को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम और बाल विवाह उन्मूलन की शपथ दिलाई गई।

See also  बांका के पंजवारा में बहियार से अधेड़ का शव बरामद, इलाके में सनसनी. 

 

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बालिकाओं एवं शिक्षकों की सहभागिता रही। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में जागरूकता बढ़ेगी और बेटियों को एक बेहतर एवं सुरक्षित वातावरण मिलेगा।