बांका दर्शन के लिए निवास कुमार सिंह की रिपोट.
बांका जिला के शंभुगंज प्रखंड के कुर्माडीह गांव में पिछले 10 दिनों से मातम पसरा हुआ है। गांव के 80 वर्षीय बुजुर्ग दर्वेश्वर सिंह का निधन 6 सितंबर को लंदन के एक अस्पताल में हृदयाघात से हो गया। इसके बाद से स्वजन और ग्रामीण शव का इंतजार कर रहे हैं। गांव के सौ से अधिक घरों में शोक के कारण चूल्हे तक नहीं जले हैं।
जानकारी के अनुसार मृतक दर्वेश्वर सिंह शिक्षा विभाग में सहायक रहे थे और झारखंड बोर्ड से सेवानिवृत्त हुए थे। वे अपने परिवार के साथ कुर्माडीह में ही रहते थे। उनके तीन संतान हैं। बड़े पुत्र निर्मल कुमार भारतीय वायुसेना में कार्यरत हैं जबकि छोटा पुत्र निगम कुमार और बहू सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और लंदन में रहते हैं। लगभग पांच माह पूर्व निगम अपने माता-पिता को घुमाने लंदन ले गया था। वहीं दर्वेश्वर सिंह बीमार पड़े और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
परिजनों का कहना है कि मृतक की अंतिम इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार कुर्माडीह गांव में अजगैबीनाथ धाम पर किया जाए। इसी कारण पुत्र निगम ने शव को भारत लाने का प्रयास किया, लेकिन आवश्यक औपचारिकताओं और सरकारी प्रक्रियाओं के कारण अब तक अनुमति नहीं मिल सकी है।
मृतक के भाई परमेंद्र सिंह, भतीजे सन्नी कुमार, संगम कुमार सहित ग्रामीणों ने राज्य और केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर शीघ्र समाधान की मांग की है। सभी ग्रामीण अपने लाल के गांव लौटने का इंतजार कर रहे हैं ताकि अंतिम संस्कार संपन्न हो सके।




