file 2026 01 06T15 10 34 मंदार महोत्सव को लेकर स्कूली बच्चों का ऑडिशन, 684 छात्र-छात्राओं ने दिखाया हुनर

मंदार महोत्सव को लेकर स्कूली बच्चों का ऑडिशन, 684 छात्र-छात्राओं ने दिखाया हुनर

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By Banka Darshan News

 

बौंसी. आगामी मंदार महोत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इसी क्रम में महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंगलवार को स्कूली बच्चों का ऑडिशन आयोजित किया गया। यह ऑडिशन बौंसी बाजार स्थित प्लस टू एलएनडी बालिका उच्च विद्यालय परिसर में संपन्न हुआ, जिसमें बौंसी, बाराहाट एवं धोरैया प्रखंड के 74 सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों के कुल 684 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

ऑडिशन कार्यक्रम का उद्घाटन कार्यक्रम समन्वयक कुंदन बिहारी एवं निर्णायक मंडल के सदस्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत के साथ ही परिसर में बच्चों का उत्साह, आत्मविश्वास और जोश देखने लायक था। सुबह से ही प्रतिभागी छात्र-छात्राएं अपने-अपने विद्यालयों के शिक्षकों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे।

ऑडिशन के दौरान बच्चों ने नृत्य, समूह नृत्य, लोकनृत्य, गायन, नाटक एवं देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों ने मंच पर जब अपनी कला का प्रदर्शन किया तो दर्शकों की तालियों से पूरा परिसर गूंज उठा। कई विद्यालयों के बच्चों ने अपनी सशक्त प्रस्तुति से निर्णायक मंडल और मौजूद दर्शकों का मन मोह लिया।

निर्णायक मंडल में संगीत शिक्षक सुशील कुमार एवं संजीव कुमार तथा नृत्य शिक्षक रमेश कुमार एवं धर्मेंद्र कुमार शामिल थे। उन्होंने बच्चों की कला, आत्मविश्वास, ताल-लय, मंचीय उपस्थिति और प्रस्तुति शैली के आधार पर निष्पक्ष चयन प्रक्रिया पूरी की। निर्णायकों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम समन्वयक कुंदन बिहारी ने बताया कि मंदार महोत्सव स्थानीय संस्कृति, लोककला और ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इसी उद्देश्य से विद्यालय स्तर पर ही प्रतिभाशाली बच्चों का चयन किया जा रहा है, ताकि उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का उचित और बड़ा मंच मिल सके। चयनित छात्र-छात्राएं मंदार महोत्सव के दौरान मुख्य मंच पर अपनी प्रस्तुति देकर जिले का नाम रोशन करेंगे।

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ऑडिशन के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक एवं अभिभावक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। पूरे आयोजन के दौरान उत्सव जैसा माहौल बना रहा और बच्चों के चेहरे पर खुशी व आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। आयोजन को सफल बनाने में शिक्षकों, आयोजकों और स्वयंसेवकों की अहम भूमिका रही।

 

रिपोर्ट -माखन सिंह