बांका जिले के शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बरौथा गांव निवासी 40 वर्षीय राजमिस्त्री राजन पासवान की संदेहास्पद मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। शुक्रवार की सुबह मालडीह स्थित बिहार सरकार भवन के समीप नहर में उनका शव मिलने से गांव और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष बबलू कुमार, दारोगा आदर्श कुंदन सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
मिली जानकारी के अनुसार, राजन पासवान का शव नहर किनारे पानी में पड़ा हुआ था। शव से करीब 10 फीट की दूरी पर नहर के ऊपर उनकी साइकिल खड़ी मिली, जिससे घटना को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। सुबह दौड़ के लिए निकले कुछ युवकों की नजर जब नहर किनारे पड़े शव पर पड़ी तो वे दंग रह गए। देखते ही देखते यह खबर आग की तरह फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। कुछ ही देर में शव की पहचान बरौथा निवासी राजन पासवान के रूप में कर ली गई।
राजन पासवान पेशे से राजमिस्त्री थे और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके पिता दीनदयाल पासवान थाने में चौकीदार के पद पर कार्यरत थे, जिनका निधन पहले ही हो चुका है। वर्तमान में उनके चचेरे भाई सुनील पासवान चौकीदार हैं। राजन के परिवार में उनकी विधवा मां उगो देवी, पत्नी गीता देवी और पांच संतानें हैं। परिवार की सारी जिम्मेदारी राजन के कंधों पर ही थी। बड़े भाई वकील पासवान की भी पूर्व में मृत्यु हो चुकी है, जबकि दूसरे नंबर के भाई साजन पासवान दिल्ली में रहते हैं।
घटना के बाद मृतक की पत्नी गीता देवी सहित अन्य परिजन ने राजन की हत्या की आशंका जताते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। स्वजनों का आरोप है कि बिना समुचित जांच के पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाह रही थी, जिसका उन्होंने विरोध किया। इसके बाद पुलिस ने स्वजनों की मांग पर भागलपुर से एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को बुलाया। टीम ने घटनास्थल से विभिन्न स्थानों से नमूने एकत्रित किए और बताया कि वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इस घटना को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं हैं। चर्चा यह भी है कि नए साल के जश्न के दौरान राजन अपने साथियों के साथ था और घर लौटते समय नशे की हालत में शौच के लिए नहर किनारे गया, जहां फिसलकर पानी में गिर गया। हालांकि पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष बबलू कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत नहर में गिरने से प्रतीत होती है, लेकिन परिजन द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि मालडीह क्षेत्र में एक माह के भीतर इस तरह की यह दूसरी घटना है। इससे पहले तीन दिसंबर को लोहागढ़ नदी किनारे धान के बहियार से एक अधेड़ व्यक्ति का लावारिश शव बरामद हुआ था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है।
रिपोर्ट -निवास कुमार सिंह




