बांका जिला के अमरपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में मंगलवार की सुबह आवारा कुत्तों के आतंक से लोग दहशत में आ गए। अलग-अलग स्थानों पर हुए हमलों में दो किशोरियों समेत आधा दर्जन लोग कुत्ते के काटने से जख्मी हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भय महसूस करने लगे।
जख्मियों में खेमीचक गांव निवासी मिथिलेश कुमार, फरीदपुर गांव निवासी शशि कुमार, विदनचक गांव निवासी रिंकु पासवान की 13 वर्षीय पुत्री निक्कू कुमारी, बल्लीकित्ता गांव निवासी नूतन कुमारी, विश्वम्भरचक गांव निवासी अभिषेक कुमार तथा प्रदीप मंडल की 12 वर्षीय पुत्री आरती कुमारी शामिल हैं। सभी घायलों को परिजनों और ग्रामीणों की मदद से अमरपुर रेफरल अस्पताल लाया गया, जहां डॉ. रतन रोशन ने उनका प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सक द्वारा सभी को एंटी-रेबीज इंजेक्शन एवं आवश्यक दवाइयां दी गईं।
जख्मियों ने बताया कि मंगलवार की सुबह वे अपने-अपने घरों के दरवाजे पर अलाव ताप रहे थे। इसी दौरान अचानक एक आवारा कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया और एक-एक कर कई लोगों को काट लिया। अचानक हुए हमले से लोग संभल भी नहीं पाए, जिससे कई लोग घायल हो गए।
घटना के बाद ग्रामीणों में भय व्याप्त है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर लोग अधिक चिंतित नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इस पर नियंत्रण के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
विदित हो कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा शहरों में घूम रहे आवारा कुत्तों की धर-पकड़ एवं नियंत्रण के लिए नया कानून बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक इसका प्रभाव देखने को नहीं मिल रहा है। लगातार हो रही घटनाओं से आम लोगों में आक्रोश है और प्रशासन से मांग की जा रही है कि आवारा कुत्तों पर जल्द प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को इस आतंक से राहत मिल सके।
रिपोर्ट – चंद्रशेखर भगत




