बांका के बाराहाट थाना क्षेत्र में बालू माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें न तो कानून का डर रह गया है और न ही वर्दी का खौफ। ताजा मामला शुक्रवार को बाराहाट बाजार का है, जहां अवैध बालू लदे ट्रैक्टरों और पुलिस के बीच दिनदहाड़े “चूहे-बिल्ली” का खेल देखने को मिला। व्यस्त बाजार क्षेत्र में माफियाओं ने पुलिस को सरेआम चकमा देते हुए बालू अनलोड किया और मौके से फरार हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अवैध बालू लदे कुल तीन ट्रैक्टर तेज रफ्तार में बाराहाट बाजार की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान पुलिस को इसकी सूचना मिली और एक पुलिस जीप सायरन बजाते हुए ट्रैक्टरों का पीछा करने लगी। बाजार में भारी भीड़ और दुकानों की कतार होने के बावजूद ट्रैक्टर चालकों ने रफ्तार कम नहीं की, जिससे राहगीरों और दुकानदारों में दहशत फैल गई।
फिल्मी अंदाज में पीछा करते हुए पुलिस जैसे ही ट्रैक्टर के नजदीक पहुंची, चालक ने अचानक बीच सड़क पर ट्रैक्टर रोककर हाइड्रोलिक सिस्टम के जरिए बालू गिराना शुरू कर दिया। देखते ही देखते सड़क पर बालू का ढेर लग गया, जिससे पुलिस वाहन का रास्ता अवरुद्ध हो गया। इस दौरान अन्य दो ट्रैक्टर चालक भी मौके का फायदा उठाकर अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए।
बालू माफियाओं का मनोबल इस कदर बढ़ा हुआ था कि उन्होंने पुलिस को रोकने के लिए पूरी सड़क को ही बालू के अवरोध में तब्दील कर दिया। जब तक पुलिस कर्मी स्थिति को समझते और रास्ता साफ करने में जुटते, तब तक ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर भागने में सफल हो गया। इस घटना से बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। तेज रफ्तार ट्रैक्टर के कारण बाजार में बड़ी दुर्घटना होते-होते बची, जिससे लोगों में आक्रोश भी देखा गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बालू का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है और कार्रवाई के बावजूद माफिया बेखौफ होकर इस धंधे को अंजाम दे रहे हैं। बाजार जैसे संवेदनशील इलाके में इस तरह की घटना से आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस संबंध में प्रभारी थानाध्यक्ष सूरज कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। फरार ट्रैक्टरों और उनके मालिकों की पहचान की जा रही है। जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट -दीपक कुमार




