सोनो। बरनार नदी के मानधाता–मंजरों बालू घाट पर पिछले दिनों खनन एजेंसी के कर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच शुरू हुआ विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। कर्मियों पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है। इसी को लेकर गुरुवार को मंजरों गांव के महिला–पुरुष अंचल कार्यालय और थाने पहुंचकर खनन कर्मियों के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोपित कर्मियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की।
गांव की कई महिलाओं ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए खनन एजेंसी के करीब आधा दर्जन कर्मियों को नामजद किया है, साथ ही कई अज्ञात लोगों को भी आरोपित बनाया है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि घाट पर कार्यरत कर्मी, मुंशी, वाहन चालक और मशीन ऑपरेटर नदी जाने वाली महिलाओं और युवतियों के साथ न केवल छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करते हैं, बल्कि शौच के दौरान उनका वीडियो भी बनाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यह हरकतें पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ती जा रही थीं। महिलाओं के विरोध करने पर कर्मियों ने फायरिंग भी कर दी थी।
ग्रामीणों ने कहा कि फायरिंग और अश्लील हरकतों के वीडियोज़ सहित कई प्रमाण प्रशासन को सौंपे गए, लेकिन अब तक आरोपितों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है। उल्टे खनन से जुड़े कर्मियों ने ही ग्रामीणों के खिलाफ रंगदारी मांगने का झूठा मामला दर्ज करा दिया है। महिलाओं का कहना है कि उनकी मांग केवल इतनी थी कि उनके गांव के रास्ते, श्मशान घाट क्षेत्र और खेतों से होकर भारी वाहनों की आवाजाही बंद की जाए और खनन कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाए। परंतु इसके बजाय कर्मियों ने उन्हें धमकाया, गाली-गलौज की और फायरिंग कर दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि खनन एजेंसी जनसुविधाओं की अनदेखी कर रही है। यदि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सार्वजनिक सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा गया, तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने को मजबूर होंगी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रभारी थानाध्यक्ष अभिमन्यु कुमार ने बताया कि ग्रामीणों का लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। “जांच के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी,” उन्होंने कहा।
वहीं सीओ प्रशांत कुमार शांडिल्य ने स्पष्ट किया कि खनन कार्य के दौरान जनसुविधाओं और तय मानकों का पालन अनिवार्य है। ग्रामीणों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रास्ते को लेकर भी विवाद
मंजरों घाट से बालू ढोने वाले वाहनों के निकासी मार्ग को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। नदी किनारे से जो रास्ता बनाया गया है, उसके शुरुआती हिस्से में निजी जमीन का उपयोग किया गया है। सोनो निवासी ऋषि राज ने इसको लेकर सीओ को आवेदन दिया है और सरकारी अमीन से मापी कराने की मांग की है।
पूरे मामले ने खनन कार्यों की निगरानी, ग्रामीणों की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




