बौंसी। ऐतिहासिक बौंसी मेला सैरात को लेकर पटना हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई शुक्रवार को एक बार फिर टल गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 दिनों बाद हाई कोर्ट की डबल बेंच में होगी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शाहबाज यूसुफ ने बताया कि माननीय न्यायाधीश ने स्पष्ट किया है कि मेला सैरात से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तृत सुनवाई आवश्यक है, इसलिए इस मामले का अंतिम निर्णय डबल बेंच द्वारा ही लिया जाएगा। तब तक मेला आयोजन और सैरात की जिम्मेदारी जिला प्रशासन के पास ही रहेगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व इस मामले की सुनवाई पांच जनवरी को निर्धारित थी, जिसके बाद अगली तिथि नौ जनवरी तय की गई थी। नौ जनवरी को याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सुनवाई को आगे के लिए टाल दिया। लगातार सुनवाई टलने से स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों के बीच निराशा का माहौल देखा जा रहा है, क्योंकि मेला शुरू होने में अब अधिक समय शेष नहीं रह गया है।
कोर्ट में मामला लंबित रहने के कारण जिला प्रशासन अब अपनी देखरेख में ही इस वर्ष ऐतिहासिक बौंसी मेला का आयोजन करेगा। बताया जा रहा है कि निर्धारित समय तक कोर्ट का अंतिम आदेश नहीं आने की स्थिति में प्रशासन के पास यही विकल्प बचा है। इससे पहले वर्ष 2014 में भी इसी तरह की स्थिति उत्पन्न हुई थी, तब जिला प्रशासन को ही मेला सैरात की पूरी जिम्मेदारी संभालनी पड़ी थी।
हालांकि जिला प्रशासन ने पहले से ही मेले को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी थीं। बीते एक सप्ताह से सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस मेले को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है, ताकि श्रद्धालुओं और दुकानदारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मेला सैरात से जुड़े राजस्व उगाही को लेकर भी प्रशासन सक्रिय हो गया है। जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। समिति द्वारा मेला परिसर में दुकान लगाने वाले दुकानदारों की जगह सुनिश्चित करने के लिए नियमानुसार बोली लगाई जाएगी और उसी आधार पर राजस्व की वसूली की जाएगी। बताया जा रहा है कि बौंसी मेला से जिला प्रशासन को हर वर्ष दुकानों के माध्यम से एक बड़ी राजस्व राशि प्राप्त होती है।
पूर्व में मेला की बंदोबस्ती हो जाने के बाद सारी जिम्मेदारी संवेदक पर होती थी, लेकिन इस बार संवेदक के अभाव में जिला प्रशासन पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। इस संबंध में अपर समाहर्ता (एडीएम) अजीत कुमार ने बताया कि कोर्ट में मामला लंबित रहने के कारण इस बार जिला प्रशासन अपने स्तर से मेला सैरात और उससे जुड़े राजस्व का प्रबंधन करेगा। इसके लिए जिलाधिकारी के आदेश पर समिति का गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
न्यूज़ -दीपक कुमार




