IMG 20260112 211211 मंदार की तराई में संथाल सनातनियों के महाकुंभ से उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, क्षेत्र भक्तिमय

मंदार की तराई में संथाल सनातनियों के महाकुंभ से उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, क्षेत्र भक्तिमय

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By Banka Darshan News

बांका जिला के बौंसी स्थित मंदार तराई क्षेत्र में आयोजित होने वाले संथाल सनातनियों के महाकुंभ को लेकर श्रद्धालुओं का आगमन लगातार बढ़ता जा रहा है। जैसे-जैसे महाकुंभ के दिन नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे पूरे मंदार क्षेत्र में आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा है। संथाल समाज के साथ-साथ सफा अनुयायी भी अपने पूरे परिवार और कुनबे के साथ मंदार पर्वत पहुंच रहे हैं।

झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल सहित आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में संथाल समाज के लोग मंदार पर्वत पहुंचकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर रहे हैं। श्रद्धालु पूरे श्रद्धा भाव के साथ मंदार पर्वत की परिक्रमा कर रहे हैं और मंदार तराई में अपने गुरु के सानिध्य में विधि-विधान से व्रत एवं अनुष्ठान में लीन हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंदार पर्वत संथाल सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र और आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

महाकुंभ के अवसर पर मंदार तराई में पूजा-अर्चना, सामूहिक यज्ञ, भजन-कीर्तन तथा पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालु सुबह तड़के ही मंदार पर्वत की परिक्रमा प्रारंभ कर देते हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ नजर आ रहा है। ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक गीतों से माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक बन गया है।

महाकुंभ को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया है। पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा एवं यातायात प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने के लिए महाकुंभ समिति द्वारा स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई है।

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श्रद्धालुओं का कहना है कि यह महाकुंभ केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि संथाल समाज की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। महाकुंभ में पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे पुरुष, महिलाएं और बच्चे अपनी सांस्कृतिक पहचान को जीवंत करते नजर आ रहे हैं।म हाकुंभ के चलते मंदार तराई सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों और स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। दुकानदारों और स्थानीय निवासियों में उत्साह का माहौल है। आगामी दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे मंदार क्षेत्र में आस्था का यह महापर्व ऐतिहासिक रूप लेने की ओर अग्रसर है।

रिपोर्ट -माखन सिंह