file 2026 02 03T15 11 18 बांका में फूड प्वाइजनिंग से तीन कांवरियों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

बांका में फूड प्वाइजनिंग से तीन कांवरियों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

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By Banka Darshan News

बांका जिला के बेलहर. थाना क्षेत्र के कांवरिया पथ अंतर्गत जिलेबिया मोड़ के समीप मंगलवार को फूड प्वाइजनिंग की घटना सामने आई, जिसमें मधुबनी जिले से आए तीन कांवरियों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सभी बीमार कांवरियों को स्थानीय लोगों व पुलिस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलहर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर मधुबनी जिले के विशपी थाना क्षेत्र अंतर्गत भोज पंडोल गांव निवासी दिलीप झा (48), सरस्वती देवी (70) एवं रेणु देवी सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करने के लिए कांवर यात्रा पर निकले थे। यात्रा के दौरान सोमवार की रात सभी कांवरियों ने संग्रामपुर थाना क्षेत्र के कुमरसार गांव में विश्राम किया था, जहां उन्होंने रात्रि भोजन भी किया।

मंगलवार की सुबह कांवर यात्रा पुनः प्रारंभ करने के कुछ समय बाद ही सभी की तबीयत धीरे-धीरे बिगड़ने लगी। चलते-चलते पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई। जैसे ही कांवरिये जिलेबिया मोड़ के पास पहुंचे, उनकी हालत और गंभीर हो गई। इसके बाद आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही बेलहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी बीमार कांवरियों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलहर पहुंचाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति को नियंत्रण में बताया। चिकित्सकों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला फूड प्वाइजनिंग का प्रतीत होता है, संभवतः रात्रि में खाए गए भोजन के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है।

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इलाज के बाद सभी कांवरियों की हालत में सुधार बताया जा रहा है और फिलहाल वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद अन्य कांवरियों एवं श्रद्धालुओं में भी कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

गौरतलब है कि सावन एवं माघी पूर्णिमा के दौरान कांवर यात्रा के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज से देवघर तक पैदल यात्रा करते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन द्वारा कांवरियों से साफ-सुथरा और सुरक्षित भोजन करने की अपील की जाती रही है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।