बाँका जिले में शिक्षा के स्तर को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तैयारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्नयन क्रैश कोर्स 2025 का शुभारंभ सोमवार को एस.एस. बालिका उच्च विद्यालय, बाँका में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और चयनित विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

उद्घाटन समारोह के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी, बाँका ने उन्नयन क्रैश कोर्स के उद्देश्य, संचालन प्रक्रिया और चयन प्रणाली के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह क्रैश कोर्स विद्यार्थियों की शैक्षणिक दक्षता को बढ़ाने और बोर्ड परीक्षा की बेहतर तैयारी कराने के लिए तैयार किया गया है। कक्षाएं प्रतिदिन दो सत्रों में संचालित होंगी—प्रातः 6:00 बजे से 9:00 बजे तक तथा संध्या 4:15 से 6:15 बजे तक। सभी कक्षाएं एस.एस. बालिका उच्च विद्यालय, बाँका परिसर में संचालित होंगी।

प्रवेश प्रक्रिया के तहत 23 नवंबर 2025 को जिला स्तरीय जाँच परीक्षा का आयोजन किया गया था। यह परीक्षा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पैटर्न पर आधारित थी, जिसमें जिले के कुल 148 विद्यार्थियों ने भाग लिया। जांच परीक्षा के मूल्यांकन के आधार पर कुल 53 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है, जिन्हें इस विशेष क्रैश कोर्स में शामिल किया जाएगा।

कोर्स के संचालन हेतु कुल 28 प्रशिक्षित एवं अनुभवी शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो विभिन्न विषयों में विशेषज्ञता रखते हैं। अधिकारियों का कहना है कि नियमित कक्षाओं, अनुशासित दिनचर्या और विषयवार विशेषज्ञ मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को उच्च स्तर की तैयारी का लाभ मिलेगा।
उद्घाटन सत्र में क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, भागलपुर, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) भी उपस्थित थे। उन्होंने इस पहल को जिले के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। चयनित विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने भी इस कार्यक्रम के प्रति उत्साह व्यक्त किया और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया।
जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि उन्नयन क्रैश कोर्स का उद्देश्य न केवल अभ्यर्थियों के परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाना है, बल्कि उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण प्रदान करना भी है। उन्होंने शिक्षकों से समर्पित भाव से पढ़ाने और विद्यार्थियों से नियमित रूप से कक्षाओं में भाग लेने की अपील की।
रिपोर्ट – चन्दन कुमार




