बौंसी। प्रखंड के बंधुआ कुरावा थाना क्षेत्र अंतर्गत गोकुला गांव के बहियार में शनिवार को अचानक लगी आग से एक किसान की वर्षों की मेहनत पलभर में राख हो गई। इस भीषण अगलगी की घटना में करीब आठ बीघा में लगी धान की तैयार फसल पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई, वहीं खेत में लगे 40 से अधिक सागवान के पेड़ भी झुलसकर बर्बाद हो गए। घटना से किसान विक्रम कुमार चौधरी को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान विक्रम कुमार चौधरी की धान की फसल कटाई के करीब थी। इसी दौरान दोपहर बाद खेत से अचानक धुएं के साथ आग की तेज लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास फैली फसल को अपनी चपेट में ले लिया। तेज हवा चलने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई।
आग की सूचना मिलते ही गांव के ग्रामीण राहुल दास, शेखर यादव, निरंजन दास, सोनू चौधरी, नसरुद्दीन खान सहित कई लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों ने अपने स्तर से पंपिंग सेट, पानी और अन्य उपलब्ध साधनों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत और घंटों की मेहनत के बाद किसी तरह आग को फैलने से रोका जा सका, लेकिन तब तक धान की पूरी फसल जल चुकी थी और सागवान के अधिकांश पेड़ झुलस चुके थे।
किसान विक्रम कुमार चौधरी ने बताया कि इस घटना में उन्हें लगभग पांच से छह लाख रुपये का नुकसान हुआ है। धान की फसल और सागवान के पेड़ ही उनके परिवार की आय का मुख्य साधन थे। फसल नष्ट होने से उनके समक्ष गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने बताया कि आग लगने का स्पष्ट कारण अब तक सामने नहीं आ सका है। आशंका जताई जा रही है कि किसी बाहरी कारण या लापरवाही से आग लगी हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
घटना की जानकारी प्रशासन को दे दी गई है। किसान ने जिला प्रशासन से आपदा राहत मद से उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि हुए नुकसान की कुछ भरपाई हो सके। स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पीड़ित किसान की मदद करने की अपील की है। इस घटना से क्षेत्र के किसानों में भय और चिंता का माहौल है।
रिपोर्ट -माखन सिंह




