बांका जिला के अमरपुर प्रखंड क्षेत्र के खेमीचक स्थित अंबेडकर भवन में देर रात्रि एक अनोखी अंतर्जातीय शादी संपन्न हुई, जिसने सामाजिक समानता और संविधान के प्रति आस्था का प्रेरणादायक संदेश दिया। इस विवाह की सबसे खास बात यह रही कि दूल्हा-दुल्हन ने भारतीय संविधान और भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर को साक्षी मानकर एक-दूसरे का जीवनसाथी बनने की शपथ ली। विवाह समारोह में मौजूद लोगों ने इसे सामाजिक समरसता और समानता की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया।
जानकारी के अनुसार, छोटी सीढ़ी गांव निवासी पिंटू दास के पुत्र एमपी राज और संदूर गांव निवासी चंदन मंडल की पुत्री सोनी कुमारी पिछले करीब दो वर्षों से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों ने अपने रिश्ते को विवाह का रूप देने का निर्णय लिया। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई और आपसी सहमति एवं रजामंदी के बाद खेमीचक स्थित अंबेडकर भवन में सामाजिक रीति-रिवाजों और विधि-विधान के साथ विवाह संपन्न कराया गया।
विवाह के दौरान नवदंपति ने संविधान की प्रस्तावना और बाबा साहब के सामाजिक न्याय, समानता तथा बंधुत्व के विचारों को अपनाने का संकल्प लिया। समारोह में उपस्थित लोगों ने वर-वधू को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद एवं सफल वैवाहिक जीवन की कामना की। इस अवसर पर कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।
संविधान और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर को साक्षी मानकर संपन्न हुई यह अनोखी अंतर्जातीय शादी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम, समानता और सामाजिक सद्भाव का प्रेरणादायक उदाहरण बता रहे हैं।
रिपोर्ट -दीपक कुमार सिंह
