Screenshot 20260625 230913 बांका सदर अस्पताल इमरजेंसी में डॉक्टर-युवक भिड़ंत, हाई वोल्टेज ड्रामे से मचा हड़कंप

बांका सदर अस्पताल इमरजेंसी में डॉक्टर-युवक भिड़ंत, हाई वोल्टेज ड्रामे से मचा हड़कंप

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By Banka Darshan News

.बांका सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक चिकित्सक और युवक के बीच हुए विवाद के बाद हाथापाई की घटना से अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में मौजूद कुछ लोग चिकित्सक के व्यवहार पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन जांच में जुट गया है। चिकित्सक और युवक के बीच जमकर चला हाई वोल्टेज ड्रामा। मौके पर उमड़ी भीड़।

जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉ. दिनकर झा एक मरीज का इलाज कर रहे थे। इसी दौरान बांका शहर के बाबूटोला निवासी ऋषभ मिश्रा एक घायल छात्र के परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचे। बताया जाता है कि दोमुहान स्थित गोवाबखार निवासी 15 वर्षीय छात्र बिजली के करंट की चपेट में आकर घायल हो गया था, जिसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था।

 

परिजनों के साथ ऋषभ मिश्रा भी चिकित्सक कक्ष के अंदर चले गए। आरोप है कि उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर से बहस शुरू कर दी। उस समय इमरजेंसी वार्ड में डॉ. दिनकर झा के साथ डॉ. संजय कुमार सुमन भी मौजूद थे। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।

 

वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि किसी बात को लेकर ऋषभ मिश्रा और डॉक्टर के बीच तीखी नोकझोंक हो रही है। विवाद बढ़ने पर अस्पताल के सुरक्षा गार्ड बीच-बचाव के लिए पहुंचे और युवक को बाहर ले जाने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच फिर बहस शुरू हो गई। आरोप है कि इसके बाद डॉक्टर अपने कक्ष से बाहर निकल आए और युवक का कॉलर पकड़ लिया। जवाब में युवक ने भी डॉक्टर का कॉलर पकड़ लिया, जिसके बाद दोनों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई होने लगी।

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घटना के बाद इमरजेंसी वार्ड में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।मौके पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया तथा स्थिति को नियंत्रित किया। सूचना मिलने पर टाउन थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली।

 

घटना से नाराज चिकित्सकों ने कुछ समय के लिए इमरजेंसी एवं ओपीडी सेवाएं बंद कर दीं। बाद में सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार के अस्पताल पहुंचने और हस्तक्षेप करने के बाद सेवाएं पुनः बहाल कर दी गईं।

 

वहीं, ऋषभ मिश्रा ने अपने ऊपर लगाए गए मारपीट के आरोपों से इनकार करते हुए चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही, गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर चिकित्सक ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे की जांच कर लिया जाए तब पता चल जाएगा सही और गलत कौन है।

 

सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में इस प्रकार का विवाद अनुचित है तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है।