बांका जिले के शंभुगंज थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने एक ही गांव के दो लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनके बैंक खातों से कुल 48 हजार रुपये उड़ा लिए। दोनों पीड़ितों ने बैंक और थाना पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस साइबर ठगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच में जुट गई है। इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार पहली घटना सहदेवपुर गांव निवासी कुंदन कुमार के साथ हुई। कुंदन कुमार ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को आंगनबाड़ी विभाग का पदाधिकारी बताया। बातचीत के दौरान ठग ने उन्हें भरोसे में लेकर कुछ जरूरी प्रक्रिया पूरी कराने की बात कही और ओटीपी साझा करने को कहा। जैसे ही कुंदन कुमार ने ओटीपी बताया, उनके भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) खाते से 28 हजार रुपये निकाल लिए गए। कुछ देर बाद मोबाइल पर पैसे कटने का संदेश मिलने के बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद वे बैंक पहुंचे, लेकिन तब तक रकम निकाली जा चुकी थी।
वहीं दूसरी घटना में सहदेवपुर गांव की महिला सुनीता कुमारी को निशाना बनाया गया। ठग ने उन्हें आंगनबाड़ी सेविका की नौकरी दिलाने का झांसा दिया। नौकरी का लालच देकर आरोपी ने उनका ओटीपी हासिल कर लिया और खाते से 20 हजार रुपये निकाल लिए। मोबाइल पर ट्रांजैक्शन का संदेश मिलने के बाद महिला घबरा गईं और तुरंत बैंक पहुंचीं।
सोमवार को दोनों पीड़ित बैंक पहुंचे, जहां बैंक प्रबंधक ने मामले को साइबर फ्रॉड बताते हुए उन्हें थाना में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। इसके बाद दोनों ने शंभुगंज थाना पहुंचकर लिखित आवेदन दिया।
पुनि सह थानाध्यक्ष राज कुमार प्रसाद ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। साइबर अपराधियों की पहचान करने और पैसे की निकासी से जुड़े तकनीकी साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने इलाके में साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जागरूकता अभियानों के बावजूद साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में लोगों को किसी भी अनजान कॉल पर ओटीपी, बैंक खाता, एटीएम या अन्य गोपनीय जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
न्यूज़ -दीपक कुमार




